Sunday, May 6, 2007

शादी के बाद के लड्डू

जी हां, हुजूर....
शादी के लड्डू खाना तो दूर की बात हो चुकी है, अब तो मौसम शादी के बाद के लड्डू खाने का है...
हम बात कर रहे हैं मीडिया की असीम अनुकंपा से हुई ऐश-अभिषेक की बहुचर्चित और बहुप्रतीक्षित शादी के लड्डू की । जो न्योते नहीं गये... जिनको बुलाया नहीं गया..
या यूं कहें जिनकी हसरत पूरी ना हो सकी...
जिनके ख्वाब बिखर गये... अब चर्चा में वे हैं...
कहते तो हैं कि बात उन्हीं की होती है जो या तो विख्यात हों या कुख्यात...
सो वे विख्यात जो शादी में शरीक हो गये... जिन पर कसीदे गढ़े गये..
अब गुजरे जमाने की बात हो चुके हैं....

अब उनसे कहीं आगे...
और अमर की अमरता से चर्चा कुख्यातों की होने लगी है..
लड्डू तो भेजे गए हैं कई घरों में....
कुछ ने स्वीकारी...
कुछ ने नकारी...
कुछ ने नाराजगी सरेआम की...
तो कुछ ने हाथ जोड़कर ही सलाम कहा...


फिलहाल शुरुआत शत्रु से ....
यूपी की चुनावी रंजिश ने शत्रु की अमित जी से शत्रुता बरकरार रखी और नतीजा मिठाई की वापसी तक पहुंच गया... यही नहीं शत्रुघ्न सिन्हा ने सरेआम अमर को मिसगाइडेड मिसाइल बताया और नतीजा यह हुआ कि मिसाइल फिर फायर हो गया और इस बार निशाना शत्रु ही बने... अमर ने उन्हें 'बेगानी शादी में शत्रु दीवाना' कहा...
दिलीप साब ने हाथ जोड़कर धन्यवाद कह दिया.... शक्ति की खटास मिटी नहीं और दिलीप कुमार ने सुपरस्टार की मिठाई को दूर से ही सलाम कहा....
वहीं बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने मिठाई को सहर्ष स्वीकार किया...
सो गुजरे जमाने के तीन सुपरस्टारों की भिड़ंत हो ही गई....
लेकिन अफसोस कि ये भी नागवार गुजरी...
बहरहाल, शादी के विशाल और 'भव्य' आयोजन के बाद अब नंबर मिठाईयों का ही है...
सो इंतजार कीजिए.. अगली रंजिश और मुठभेड़ का...

Friday, May 4, 2007

रियलिटी का सच

शुरु हो गया आज से महायुद्ध....
अफसोस कि इसमें किसी की जान नहीं जाएगी...
अफसोस कि इसमें सरकार की किरकिरी नहीं होगी...
ये अफसोस जनता नहीं करेगी...
ये अफसोस देश की सरकार भी नहीं करेगी...
क्योंकि सरोकार न सरकार को होगा...
न ही जनता को होगा...
सरोकार होगा संगीत के ठेकेदारों का...

हां... सीधे पिसेगी जनता भी और सरकार भी...
क्योंकि मिसाइलें बॉर्डर पर नहीं चल रही..
बल्कि घरों में चलेंगी..
धुनों की मिसाइलें...
सुरों की मिसाइलें...
बनाना जो है शहंशाह...
ढुंढना जो है मोती...
इस भीड़ के समंदर से ...
लेकिन रेत के नीचे दबेंगी...
कई जिंदगियां... कई उम्मीदें...

दिखानी है फिर किसी की बादशाहत...
करना है फिर किसी को उम्मीदों की कश्ती पर सवार....
करनी हैं लोगों की जेबे ढीलीं...
खेलना है उनके आंसुओं से...
और ढकेलना है सरकार को भी...
आखिर प्रतिभा का सवाल है....
आखिर जिम्मेदारी का सवाल है...
बजेंगे ढोल-नगारे...
दबेंगी उम्मीदें भविष्य बनाने की...
दबेंगी उम्मीदें अपने पैरों पर खड़े होने की...

दबेगा सच....
दबेगी रियलिटी...
क्योंकि यही रियलिटी का सच है...
यही बुद्धु बक्से की हकीकत है...

Sunday, April 29, 2007

सच.. यही आखिरी नहीं

चंद सच्चाईयां... जिनसे हम भागते हैं....
चंद फसाने... जिसके पीछे हम भागते हैं...
बच हम उन सच्चाईयों से भी नहीं पाते...
पकड़ हम उन फसानों को भी नहीं पाते...
तो रहते हैं कहां !!!!
सच और फसानों की पगडंडी के बीच...
लेकिन कभी-कभी ये भी पतली होती जाती है और तब...
आसरा होता है केवल उस रास्ते का जिसपे सच भी होता है...
और फसाना भी...

खबर... हकीकत और फसाना... या कुछ और ???

खबर बनाते हैं हम...
खबर चलाते हैं हम...
क्योंकि खबर पहचानते हैं हम...
जिंदगी की पहचान हैं हमें...
जिंदगी की कीमत मालूम हैं हमें...
क्योंकि जिंदगी बनाते और चलाते हैं हम...
सबसे तेज भी हैं हम...
सबको आगे रखा भी है हमने...
खबर हर कीमत पर दिखाते हैं हम...
हकीकत है यही...
और फसाना भी...
खबर वही जो हम दिखाएं...

Tuesday, April 24, 2007

wah shilpa !


ये किस नहीं आसां...
शिल्पा शेट्टी और रिचर्ड गेर के किस प्रकरण ने बड़े वर्ग को परेशान भी किया और सुर्खियां भी बटोरीं । इल्जाम शिल्पा पर लगे तो जवाब भी शिल्पा ने बखूबी दिए लेकिन इन सबके बीच मूक दर्शक बना आम आदमी मीडिया के परोसे मसाले का जायका लेने को मजबूर दिखा। विवादों के साथ चोली-दामन का साथ रखने वाली शिल्पा के इस नये स्कैंडल और प्रतिक्रियाओं पर एक नजर...
बीते दशक से रुपहले पर्दे पर यूपी- बिहार से लंदन तक लूटने वाली शिल्पा शेट्टी ने फब्तियों और विवादों को अब लूटना शुरु कर दिया है। बिग ब्रदर से ’गॉडमदर’ शिल्पा ने दिल्ली में ट्रक ड्राईवरों में एड्स के प्रति जागरुकता बढ़ाने के एक कार्यक्रम में विवादों को उस समय गले लगा लिया जब ह़ॉलीवुड के ‘प्रिटी मेन’ रिचर्ड गेर ने मंच पर उसे आलिंगनबद्ध कर लिया। पड़ोसी मुल्क से नसीहत ना लेते हुए, जहां गले लगाने पर पर्यटन मंत्री के लिए फतवा जारी कर दिया गया; शिल्पा ने मंच पर ही अंतरंगता जाहिर कर दी। हालांकि ‘ प्रथम दृष्टया’ रिचर्ड की हरकत में शिल्पा का कोई हाथ नहीं दिखा और शिल्पा पीछा छुड़ाते हुए बस इतना ही कह सकीं, “यह कुछ ज्यादा हो गया”।
देश की जनता ने वाकई शिल्पा के इन शब्दों को हाथों-हाथ लिया और देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरु हो गये। दिल्ली में हुई इस ‘ दुर्घटना’ का असर दिल्ली से लेकर वाराणसी, भोपाल, कानपुर, इंदौर और मेरठ तक इसकी गर्मी दिखाई दी। रिचर्ड गेर और शिल्पा के पुतले जलाये गये और सभी जगहों पर ‘किस’ को अभद्रता कहा गया। इन सबके बीच शिवसैनिकों ने फिर से देशभक्ति की मशाल जलायी और न केवल शिल्पा की फिल्म ‘मेट्रो’ की शूटिंग को निशाना बनाया बल्कि दो कदम आगे बढ़ते हुए शिल्पा की पत्रकारवार्ता में भी हंगामा किया।
शिल्पा शेट्टी की अब बारी थी, सो उन्होंने इस हंगामे को आड़े हाथों लिया और मीडिया और जनता पर बरसते हुए कहा, “हमने वक्त निकाला, पैसे खर्च किए और इसके बावजूद लोग हमारा विरोध कर रहे हैं और हमसे माफी मांगने को कह रहे हैं। हम क्यों माफी मांगें, हम एड्स जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठा रहे हैं।” शिल्पा ने कहा कि ये लोग मनोरंजन क्षेत्र से हैं और गेर ने केवल वहां बैठे लोगों का मनोरंजन किया। इसमें कुछ भी ऐसा नहीं है कि जिसके लिए पुतला जलाया जाए। शिल्पा के ये कदम अब राखी की राह पर हैं। विदित हो कि राखी सांवत के किस ने भी काफी बवाल मचाया था और तब दोनों ही पक्ष गरम थे। हालांकि इस वारदात में शिल्पा ने काफी हद तक अपनी ‘मरजी ’ जाहिर कर दी है।
बहरहाल, शिल्पा-गेर के इस प्रकरण की चर्चा ने आयोजन के उद्देश्य को परे ढकेल दिया है। जिस खुले मंच से यह वाकया हुआ वहां एड्स से संयम बरतने के नुसखे भी बताये गये थे लेकिन जिस आयोजन का फायदा जनता को मिलना चाहिए था वो गाहे-बेगाहे शिल्पा के हिस्से जा रही है। लेकिन इस खेल-तमाशे के जरिये जनता की भावनाओं को भी नुकसान पहुंचता है । बिग ब्रदर शो में नस्लीय टिप्पणियों का आरोप लगने पर देश की संसद तक गरमा गयी और विदेश मंत्रालय तक को बीच में कूद कर बयान देना पड़ा। इस बार भी राजनीतिक हलकों की सुगबुगाहट जल्द ही सुनाई दी और भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह सब भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है।
फिलहाल यह मामला अदालत में पहुंच चुका है । और अदालत ने इसकी सीडी मंगायी है। गौरतलब है कि नस्लवादी टिप्पणी से जुड़ा मामला भी अदालत तक पहुंच गया था लेकिन ‘अपराध’ साबित होने के बावजूद भी ब्रिटेन की अदालत ने किसी को सजा नहीं सुनायी थी। बिगब्रदर में हुए हंगामे और उसके बाद के नतीजों ने शिल्पा को इतना उत्साहित कर दिया कि अब इस घटना के बाद हुई पत्रकारवार्ता में यहां तक कह दिया कि मैं नहीं समझता कि यह इतनी बड़ी बात नहीं है और न ही इसमें किसी प्रकार की अश्लीलता है कि लोग इस तरह से प्रतिक्रिया व्यक्त करें। लेकिन शिल्पा के नजर का मनोरंजन कट्टरवादियों के लिए ‘राष्ट्रीय शर्म’ का विषय बन गया। फिर मसला यह है कि लोगों के लिए गलत और शिल्पा के लिए महज मनोरंजन आखिर क्या था ?

वाकई में, यह एक कोरा मनोरंजन था । एक ऐसा मनोरंजन जिसने देश जिसने देश के कथित संरक्षक वर्ग की भृकुटियां तन गयीं। जिसने इन लोगों को अचानक याद दिलाया कि देश की संस्कृति का रक्षा कैसे होती है! एक ऐसे देश में जहां हर चौथे सेकंड गर्भ में लड़की की हत्या होती है और सबसे विकसित राज्य पंजाब में लड़का-लड़की का अनुपात गिरता जा रहा है। तो क्या यह मनोरंजन महज मीडियाकर्मियों के लिए किया गया ताकि वे इसे देश के सामने रख कर शिल्पा के लिए शोहरत बटोर सकें। हुआ भी वही, बटोरी गयी शोहरत और नतीजा शिल्पा की आने वाली फिल्म ‘मेट्रो’ के लिए पब्लिसिटी मिल गयी। यह भी एक ‘वांछित’ संयोग ही है कि शिल्पा ने पर्दे से इतर भी मेहनत की है और ‘मेट्रो’ के प्रीमियर के लिए बिग ब्रदर से बदनाम हुई जेड गुडी को आमंत्रित कर लिया। अगर रिपोर्टों पर भरोसा करें तो बिग ब्रदर के बवाल खत्म होने के बाद यह बात सामने आयी थी कि वो एक पब्लिसिटी स्टंट था। ऐसे में ‘मेट्रो’ की रिलीज के पहले किस का हंगामा किस के लिए ? अब इंतजार शिल्पा की अगले कदम का क्योंकि जल्द ही विवाद का दूसरा नाम शिल्पा होगा और कारनामों की नई फेहरिस्त नये रुप में आएगी।